टेक्निकल टर्म मेमोरी के बारे में लगभग सभी जानते है यह बहुत ही अच्छा होना चाहिए तभी आपका कोई भी कंप्यूटर या फोन या अन्य कोई भी डिवाइस आपका बेहतर काम कर पाएगा ठीक इसी तरह आज हम बात करेंगे कुछ ऐसी मेमोरी के बारे में जो की बहुत इंपॉर्टेंट है जो सभी उपयोद तो करते है लेकिन उसे बहुत कम लोग जानते है। उसका नाम है वर्चुअल मेमोरी। इससे कई लोग वाकिफ भी होंगे कि यह क्या काम करता है और यह किस लिए बनाया गया है इसका भी बहुत बड़ा महत्व है लगभग कंप्यूटर तो सभी इस्तेमाल करते हैं और इसमें लोगों को रैम और रोम के बारे में भी पता होगा तो आज हम लोग बात करते हैं वर्चुअल मेमोरी के बारे में यह दो मेमोरी के अलावा वर्चुअल मेमोरी का भी बहुत बड़ा महत्व है जितनी की रैम और रम की जरूरत होती हैं जैसे कंप्यूटर में मल्टी प्रोसेसिंग का काम रैम का होता है मल्टी प्रोसेसिंग का मतलब है कि बहुत सारे प्रोग्राम को एक साथ चलना जैसे की फोटो साफ हो गया कोरल ड्रॉ हो गया आफ्टर इफेक्ट हो गया फिल्म पूरा हो गया मतलब एक साथ हम कई सॉफ्टवेयर को एक साथ ही चला रहे हैं इसको बोलते हैं मल्टिप्रोसेसिंग और यह रैम पूर्ति करता है पूरे मल्टिप्रोसेसिंग का जो कि काम करने का जो स्पीड होती है यह रैम के ऊपर डिपेंड करता है जैसे हम जितनी बार भी एप्लीकेशन को ओपन करते रहते हैं वह क्या होता है कि वह मेरे रैम की जगह को भरते जाता है उसमें हम बहुत ज्यादा प्रोग्राम को ओपन कर दिए तो मेरा सिस्टम भी स्लो होने का चांस होगा यह हमे यह बताता है की जीतनी gb का कश इसकी मेमोरी को फुल हो जाता है ठीक है तो यहां पर आगे बात करते हैं जैसे कि हम कभी-कभी अपने कंप्यूटर में ज्यादा एप्लीकेशन को ओपन कर दिए हैं तो क्या करता है की राय मेरा फुल हो गया है आप दूसरा सॉफ्टवेयर को जब ओपन करेंगे तो ओपन ही नहीं हो पाएगा ठीक है उसी उसी समय क्या होता है कि वर्चुअल मेमोरी कंप्यूटर अपना प्रयोग करना स्टार्ट करता है वर्चुअल मेमोरी जैसे कि हमारे हार्ड डिक्स में स्पेस लेकर वह राम राम के टैक्स को पूरा करने में मदद करता है यह क्या होता है कि वर्चुअल मेमोरी एक कंप्यूटर हमारे कंप्यूटर को अलग ही राम प्रोवाइड करवाता है यह हमारे रैम से एडम अलग होती है क्यों अलग होती है जो कि यह हमारे के के रूप में इसको लगाया होता है हमारे कंप्यूटर में जैसे हमारे जो कंप्यूटर मदरबोर्ड में होता है उसमें राम को फिट किया जाता है अब यह वर्चुअल मेमोरी क्या है यह वर्चुअल मेमोरी एक सॉफ्टवेयर है इस वर्चुअल मेमोरी का काम यही है की रैम हमारे कंप्यूटर में काम है और हमको टैक्स पूरा करना है तो क्या करता है कि यह वर्चुअल मेमोरी के मदद से स्टॉक्स को पूरा करने में उसकी सहायता होती है जैसे हर कंप्यूटर में एक रैम की साइज जो होती है लिमिटेड होती है जैसे हम का अपने कंप्यूटर में 4GB रैम को लगाए हुए हैं ठीक है तो चार्ज भी रैम लगाए हुए हैं तो हम 4GB से अधिक भी कोई भी एप्लीकेशन को ओपन करते हैं तो क्या होता है कि मेरी साइज भर जाती है तो सही से काम नहीं करता है ठीक है यह लिमिटेड हो गया अब अनलिमिटेड क्या होता है कि कोई लिमिट ना हो लेकिन जो हम रैम लगाए हैं उसकी तो लिमिट ही है ना 4GB वर्चुअल मेमोरी का काम क्या होता है कि जो हमारा 4GB उत्तर है जो कि हम जो उसे नहीं कर रहे हैं वह क्या करता है कि हमारे हार्ड डिस्क में स्टोर कर देता है स्टोर करने के बाद जो भी सॉफ्टवेयर को हम वर्क कर रहे हैं उसे सॉफ्टवेयर को पूरी तरीके से चलने में मदद करता है यह जब स्टोर कर देता है तो क्या होता है कि मेरा रैम खाली होने लगता है और राम खाली होगा तो जो भी हम सॉफ्टवेयर को उसे कर रहे हैं जो भी टैक्स को पूरा करना चाहते हो बहुत ही बहुत अच्छी तरीके से पूरा करना स्टार्ट कर देता है यह असल में वर्चुअल मेमोरी कम कैसे करता है जब भी हमारा राम फुल होने लगता है जैसे हम ऑपरेटिंग सिस्टम ऑपरेटिंग सिस्टम मेरा क्या करता है कि सारे एप्लीकेशन को हमने 10 12 एप्लीकेशन को ओपन करके रखा हुआ है तो जब भी हम जो भी एप्लीकेशन पर वर्क करते रहते हैं और जो भी एप्लीकेशन को मिनिमाइज करके टॉक्स बार पर रहता है उसकी सारी उत्तर क्या करता है कि वर्चुअल मेमोरी उसे हमारे हार्ड डिस्क में स्टोर कर देता है कि हम जब उसको ओपन करें तो क्या करता है कि उसे ओपन करने के बाद उसे मेमोरी का उसे करने लायक बना देता है ठीक है उसे समय क्या होता है कि ऑपरेटिंग सिस्टम क्या करता है कि हमारे पेजिंग फाइल की मदद से वर्चुअल मेमोरी की सहायता से यह हमारे मेमोरी की स्पीकिंग को हार्ड डिस्क में डाल देता है
जो डाटा को फिजिकल मेमोरी से वर्चुअल मेमोरी में ट्रांसफर किया जाता है और आस ऑपरेटिंग सिस्टम उसे फेस फाइल में डिवाइड कर देती है और हर एक फेस फाइल के अंदर फैक्स नंबर को जोड़ देता है और डाटा ट्रांसफर करने के लिए कंप्यूटर राम के उसे एरिया की ओर देखा है जिस एरिया को उसने उसे नहीं किया हुआ है हर फेस फाइल को हमारे हार्ड डिक्स में इकट्ठा कर देता है और इसके मदद से क्या होता है कि हमारा हार्ड डिस्क जो होता है वह तो स्टोर कर लेता है लेकिन हमारी रैम खाली होने लगते हैं और उसे करने के लायक हो जाते हैं जितना हमको जरूरत है उतना उसे करने की ज़रूरतें को पूरा कर देता है उसे समय तो हम कंप्यूटर में कोई एप्लीकेशन को उसे कर रहे हैं तो बहुत ही आसानी तरीके से और इसमें तरीके से चला सकते हैं और किसी भी हम एप्लीकेशन को इंस्टॉल कर दें तो बहुत ही आराम से इंस्टॉल होते चला जाता है इसमें कोई प्रॉब्लम नहीं आती है मिनिमाइज करके जो रखे हुए हैं अब क्या होता है कि उसको हम पुणे ओपन करते हैं तो क्या करता है की हार्दिक हमारे वर्चुअल मेमोरी के मदद से वह हमारे राम के ऊपर पुणे वापस भेज देता है और उसे प्रोग्राम को हम रन कर पाते हैं अब यहां पर वॉइस का क्या काम होता है तो यस क्या करता है कि जब तक हम उसे प्रोग्राम की फाइलों को अपलोड नहीं करता है जब तक कि हम उसे पर कोई क न करें तब तक हाइड ही रहेगा इस प्रकार हम कंप्यूटर की स्पीड को बढ़ाते हैं और ऐसे क्या होता है कि जो भी हम एप्लीकेशन को रन कर रहे हैं और यह रन करते समय टर्न ऑफ कंडीशन जिसे होता है क्या है की मेमोरी कम की वजह से चलता नहीं है तो यह सारी दिक्कतें सारी खत्म हो जाती है वर्चुअल मेमोरी कंप्यूटर की फिजिकल मेमोरी नहीं है ठीक है यह क्या होता है कि यह कंप्यूटर में कहीं लग नहीं होता है किसी यह माना जाता है कि बड़े प्रोग्राम को एग्जीक्यूट करने के लिएमदद करता है जो की पूरी तरीके से प्राइमरी मेमोरी इसे रैम में नहीं रखा जा सकता हैबल्कि की यह ऑपरेटिंग सिस्टम का एक भाग है फ्रेम को कम करने में मदद करता है शायद पहले जो भी एप्लीकेशन को एक्सेस नहीं कर पा रहे चला नहीं पा रहे थे इस मेमोरी की मदद से आप चला पाएंगे उसे
जो डाटा को फिजिकल मेमोरी से वर्चुअल मेमोरी में ट्रांसफर किया जाता है और आस ऑपरेटिंग सिस्टम उसे फेस फाइल में डिवाइड कर देती है और हर एक फेस फाइल के अंदर फैक्स नंबर को जोड़ देता है और डाटा ट्रांसफर करने के लिए कंप्यूटर राम के उसे एरिया की ओर देखा है जिस एरिया को उसने उसे नहीं किया हुआ है हर फेस फाइल को हमारे हार्ड डिक्स में इकट्ठा कर देता है और इसके मदद से क्या होता है कि हमारा हार्ड डिस्क जो होता है वह तो स्टोर कर लेता है लेकिन हमारी रैम खाली होने लगते हैं और उसे करने के लायक हो जाते हैं जितना हमको जरूरत है उतना उसे करने की ज़रूरतें को पूरा कर देता है उसे समय तो हम कंप्यूटर में कोई एप्लीकेशन को उसे कर रहे हैं तो बहुत ही आसानी तरीके से और इसमें तरीके से चला सकते हैं और किसी भी हम एप्लीकेशन को इंस्टॉल कर दें तो बहुत ही आराम से इंस्टॉल होते चला जाता है इसमें कोई प्रॉब्लम नहीं आती है मिनिमाइज करके जो रखे हुए हैं अब क्या होता है कि उसको हम पुणे ओपन करते हैं तो क्या करता है की हार्दिक हमारे वर्चुअल मेमोरी के मदद से वह हमारे राम के ऊपर पुणे वापस भेज देता है और उसे प्रोग्राम को हम रन कर पाते हैं अब यहां पर वॉइस का क्या काम होता है तो यस क्या करता है कि जब तक हम उसे प्रोग्राम की फाइलों को अपलोड नहीं करता है जब तक कि हम उसे पर कोई क न करें तब तक हाइड ही रहेगा इस प्रकार हम कंप्यूटर की स्पीड को बढ़ाते हैं और ऐसे क्या होता है कि जो भी हम एप्लीकेशन को रन कर रहे हैं और यह रन करते समय टर्न ऑफ कंडीशन जिसे होता है क्या है की मेमोरी कम की वजह से चलता नहीं है तो यह सारी दिक्कतें सारी खत्म हो जाती है वर्चुअल मेमोरी कंप्यूटर की फिजिकल मेमोरी नहीं है ठीक है यह क्या होता है कि यह कंप्यूटर में कहीं लग नहीं होता है किसी यह माना जाता है कि बड़े प्रोग्राम को एग्जीक्यूट करने के लिएमदद करता है जो की पूरी तरीके से प्राइमरी मेमोरी इसे रैम में नहीं रखा जा सकता हैबल्कि की यह ऑपरेटिंग सिस्टम का एक भाग है फ्रेम को कम करने में मदद करता है शायद पहले जो भी एप्लीकेशन को एक्सेस नहीं कर पा रहे चला नहीं पा रहे थे इस मेमोरी की मदद से आप चला पाएंगे उसे
यदि वर्चुअल मेमोरी का फायदा क्या है इसके बारे में जान लेते हैं
वर्चुअल मेमोरी को उसे समय बनाया गया था जबकि रैम बहुत ज्यादा महंगा थी और कंप्यूटर में कैपेसिटी कम होने की वजह सेजो भी हम एप्लीकेशन को चलाते थे उसके मदद से क्या होता था की रैम की स्पेस फुल हो जाती थी यह बहुत ज्यादा दिक्कतें आती थी इंटरफेस करना पड़ता था जैसे कि एक से ज्यादा प्रोग्राम को हम एक साथ चलने का प्रयास करते थे और उसे चला नहीं पाते थे
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